पल्स ऑक्सीमीटर क्या है ? कैसे उपयोग करते हैं, नॉर्मल रेंज, कीमत, रीडिंग – Pulse Oximeter Kya Hai | What is Pulse Oximeter in Hindi

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पल्स ऑक्सीमीटर : एक ऐसा डिवाइस जिससे आप घर बैठे चेक कर सकते हैं अपने शरीर का ऑक्सीजन लेवल

कोरोना वायरस की इस महामारी ने लोगों के मन में और भी दहशत फैला रखी है । हमारे देश में धीरे-धीरे भयंकर रूप लेते हुए नजर आ रही है और आज के इस समय में लगभग एक बड़ी संख्या में प्रतिदिन लोग इसके शिकार भी हो रहे हैं । ऐसे में लगभग हर एक व्यक्ति अपने आप को स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए अपने घरों पर छोटे-मोटे मेडिकल डिवाइसेज रख रहे हैं । आज के इस ब्लॉग में मैं आपको एक ऐसे डिवाइस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जो , कि इन दिनों सबसे उपयोगी डिवाइस बन गई है ।

What is Pulse Oximeter in Hindi

वह है पल्स ऑक्सीमीटर ( Pulse Oximeter ) पल्स ऑक्सीमीटर क्या है ? और इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं, इसके बारे में हम विस्तार पूर्वक से जानकारी प्राप्त करेंगे तो आइए जानते हैं विस्तार से :-

पल्स ऑक्सीमीटर क्या है ? Pulse Oximeter Kya Hai

पल्स ऑक्सीमीटर एक चिकित्सकीय उपकरण है , जिसका उपयोग खून ( BLOOD ) में मौजूद ऑक्सीजन (O2 ) के लेवल को चेक करने के लिए किया जाता हैं । इसके इस्तेमाल से हमारे शरीर में मोजुद ऑक्सीजन की मात्रा का पता चलता है , आपको बता दें कि इस उपकरण का उपयोग करके हम यह टेस्ट करते हैं । उसे पल्स ऑक्सीमीट्री कहते हैं ।

पल्स ऑक्सीमीटर कितने प्रकार के होते हैं ? – Types of Pulse Oximeter

पल्स ऑक्सीमीटर 4 प्रकार के होते हैं । यह सभी एक ही तकनीक का कार्य करते हैं परंतु इनका इस्तेमाल हम अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं , और इसीलिए इन चारों का नाम भी अलग अलग तरीके के हैं , तो आइए जानते हैं इन सभी चार प्रकार के पल्स ऑक्सीमीटर के बारे में विस्तारपूर्वक :-

पल्स ऑक्सीमीटर वॉच

इस प्रकार का पल्स ऑक्सीमीटर घड़ी के जैसे होता है और इसे आप अपने हाथ की कलाई पर बांध कर उपयोग कर सकते हैं । इस पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल कर आप लंबे समय तक शरीर में मौजूद ऑक्सीजन लेवल और हार्ट बीट को ट्रैक करने के लिए कर सकते हैं । इसमें आपको ऑक्सीजन लेवल प्रतिशत में दिखाई देता है और साथ ही आपके हार्टबीट की पूरी जानकारी भी आपको निरंतर रूप से ट्रैक होती रहती हैं । इसमें अलार्म भी दिया होता है, जो शरीर में ऑक्सीजन लेवल और हार्टबीट में बदलाव होने पर आपको सूचित करने का काम करता है ।

हैंड हेल्ड पल्स ऑक्सीमीटर

इस प्रकार के ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल हाथों में पकड़ कर किया जाता है । इसमें एक ट्यूब निकला होता है और इसे आप अपने कलाई या फिर उंगली में बांध सकते हैं । जिस प्रकार से अन्य पल्स ऑक्सीमीटर कार्य करते हैं, ठीक उसी प्रकार से यह ऑक्सीमीटर भी कार्य करता है। यह मोबाइल के आकार के जैसा होता है और इसी के अंदर आपको ऑक्सीजन और हार्टबीट की रीडिंग दिखाई देती है । इस प्रकार के ऑक्सीमीटर का ज्यादातर इस्तेमाल लोग अपने घर में पर्सनल रूप में करते हैं और इसे इस्तेमाल करना भी और कहीं पर भी आवश्यकता अनुसार ले जाना काफी आसान होता है ।

टेबल टॉप / बेडसाइड पल्स ऑक्सीमीटर

इस प्रकार के पल्स ऑक्सीमीटर को टेबल पर रखकर इस्तेमाल किया जाता है । इस प्रकार के ज्यादातर ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल अस्पतालों में होता है । इससे लंबे समय तक निरंतर रूप से ऑक्सीजन और हार्ट की मॉनिटरिंग की जा सकती है और इसमें अलार्म भी होता है, जो कि ऑक्सीजन और हार्ट बीट का स्तर बिगड़ने पर बजने लगता है , इस प्रकार के ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाता है ।

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फिंगर्टिप पल्स ऑक्सीमीटर

इसका आकार बहुत ही छोटा होता है और इसे बड़ी ही आसानी से कहीं पर भी ले जाया जा सकता है । इसके इस्तेमाल के लिए इसमें बैटरी सेल लगाया जाता है और इसका इस्तेमाल किया जा सकता है । इसका इस्तेमाल आप अपनी आवश्यकता के अनुसार कहीं पर भी आसानी से कर सकते हैं और इस पल्स ऑक्सीमीटर के जरिए आप अपने शरीर में ऑक्सीजन लेवल और हार्टबीट की मॉनिटरिंग आसानी से कर सकते हैं । इसका इस्तेमाल हम शरीर में ऑक्सीजन और हार्टबीट की मॉनिटरिंग के लिए एक लंबे समय तक नहीं किया जा सकता है । इसे केवल आवश्यकता पड़ने पर हम इस्तेमाल कर सकते हैं ।

पल्स ऑक्सीमीटर का काम क्या है ?

आपको जानकारी के लिए बता दूं कि कोई भी ऑक्सीमीटर प्रकाश के अवशोषण की प्रक्रिया के तकनीक पर कार्य करता है । मानव शरीर में उपलब्ध हिमोग्लोबिन ऑक्सीजन को पूरे शरीर में ले जाने का कार्य करता है । शरीर में ऑक्सीजन का लेवल कम होने पर हिमोग्लोबिन को ठीक तरीके से आखरी तक नहीं मिल पाता और वह बिना ऑक्सीजन के शरीर में दौड़ता रहता है । जब हम पल्स ऑक्सीमीटर अपने हाथों पर या अपनी उंगली पर लगाते हैं तो उसमें से एक तरफ से प्रकाश निकलता है और वह प्रकाश उंगली की दूसरी तरफ तक पहुंचता है और फिर डिवाइस में लगे रिसीवर को बचे हुए प्रकाश की रीडिंग मिलती है ।

इसी प्रक्रिया के जरिए पता चलता है, कि कितना प्रकाश शरीर में अवशोषित होने पर शेष रह गया है , मानव शरीर में उपलब्ध हिमोग्लोबिन ऑक्सीजन के साथ होते हुए प्रकाश की एक निश्चित मात्रा को अवशोषित कर लेता है और यदि हीमोग्लोबिन के पास ऑक्सीजन की मात्रा ठीक से नहीं होती है, तो उतना प्रकाश अवशोषित नहीं कर पाता है । जितनी जरूरत होती है , इससे पता चल जाता है कि शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कितनी है और हार्टबीट की स्थिति क्या है ।

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पल्स ऑक्सीमीटर उपयोग कैसे करें – Use of Pulse Oximeter

पल्स ऑक्सीमीटर को इस्तेमाल करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है, इसका इस्तेमाल बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है । किसी भी ऑक्सीमीटर को आप अपनी उंगली में, ईयरलोब या फिर पैर की उंगली में लगा सकते हैं , मगर ज्यादातर इसका इस्तेमाल लोग का हाथ की उंगली में लगाकर करते हैं । इसे हाथ की उंगली पर लगाने के बाद आप 30 से 90 सेकंड तक बिना हिलाए ऐसे ही छोड़ दें । इस समय अंतराल के बाद यह अपनी वास्तविक रीडिंग आपको प्रदर्शित करने लगेगा ।

पल्स ऑक्सीमीटर सावधानियां

इसका इस्तेमाल करने से पहले हमें कुछ इससे जुड़ी हुई सावधानियों के बारे में भी जानकारी होना अति आवश्यक है और इसके लिए हमने नीचे विस्तार पूर्वक जानकारी दी है :-

  • हाथों की उंगलियों पर इसे लगाने से पहले जांच लें कि आपके हाथों की उंगलियों में नेल पॉलिश या फिर किसी अन्य प्रकार का पदार्थ ना लगा हो ।
  • पल्स ऑक्सीमीटर लगाने के बाद अपने हाथों को हिलाना नहीं है और शरीर को बिल्कुल विश्राम अवस्था में छोड़ देना है ।
  • किसी भी प्रकार का भारी भरकम काम करने के बाद इसका इस्तेमाल ना करें अन्यथा यह आपको गलत रीडिंग ही दिखाएगा ।
  • इसके इस्तेमाल से पहले जांच लें कि आपका हाथ ज्यादा ठंडा ना हो ।
  • रेगुलर समय-समय पर ऑक्सीजन लेवल और हार्ट बीट चेक करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं और यदि आप एक लंबे समय अर्थात 8 घंटे या 24 घंटे के समय अनुसार निरंतर रूप से ऑक्सीजन लेवल और हार्टबीट की मॉनिटरिंग करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अस्पताल में जाना पड़ सकता है या फिर आप डॉक्टर के परामर्श से इसे घर पर भी कर सकते हैं ।

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पल्स ऑक्सीमीटर Normal Range (रीडिंग) कैसे देखें ?

  • हर एक प्रकार के ऑक्सीमीटर में ऑक्सीजन लेवल को दर्शाने के लिए spo2 का इस्तेमाल किया जाता है , एक स्वस्थ व्यक्ति की पल्स ऑक्सीमीटर पर जांच करने पर वैल्यू 95% से ऊपर होनी आवश्यक है । एक ऑक्सीमीटर का औसतन रेंज स्वस्थ व्यक्ति में 95% से लेकर 100% के बीच में होता है ।
  • अगर आपके पल्स ऑक्सीमीटर में ऑक्सीजन का स्तर 95% से लेकर 90% के बीच में बता रहा है, तो आपको अपने नजदीकी किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से इसकी जांच करवा ले ।
  • अगर 90% से नीचे ऑक्सीजन का स्तर आपके ऑक्सीमीटर में बता रहा है, तो यह आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है, ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना है और डॉक्टर आपको जो भी करने की सलाह दें उन्हें अवश्य अपनाएं ।
  • अगर किसी ऐसे व्यक्ति के लिए हम पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे पहले से किसी भी प्रकार की फेफड़े से संबंधित लंबी बीमारी हो या फिर अस्थमा और दिल से संबंधित बीमारी है, तो ऐसे में रोगियों का नार्मल ऑक्सीजन स्तर का रेंज 95% से कम होता है , ऐसे रोगियों का शरीर में ऑक्सीजन लेवल और हार्ट बीट चेक करने के पहले सुनिश्चित करें कि उनके लिए एक सामान्य ऑक्सीजन का नार्मल रेंज कितना हो सकता है और इसके लिए आपको डॉक्टर से परामर्श लेना पड़ेगा ।

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पल्स ऑक्सीमीटर सही Reading

दोस्तों ऐसे डिवाइसों में प्लस 2 की गड़बड़ी पाई जाती है , अर्थात अगर आपका कोई भी पल्स ऑक्सीमीटर रीडिंग करने पर 96% परिणाम दिखा रहा है, तो आप इसमें 2 की गिनती आगे और 2 गिनती पीछे की गड़बड़ी का अंदाजा लगा सकते हैं । कुल मिलाकर कोई भी पल्स ऑक्सीमीटर की औसतन वैल्यू 98% या फिर 94% के बीच में हो सकती है ।

कोरोना वायरस महामारी में पल्स ऑक्सीमीटर का महत्वपूर्ण उपयोग

जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि कोरोना वायरस से होने वाली ज्यादातर मौतें शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा की कमी के वजह से ही हो रही है । अगर ऐसे में हमें समय से पहले पता चल जाएगी शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कब और कितनी है एवं कितने समय में कितना कम हो रही है, तो हम समय रहते मरीज का एक सटीक और सही इलाज करवा सकते हैं और उसे इस जानलेवा बीमारी से बचा सकते हैं । आज के इस विषम परिस्थिति में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप में कार्य कर रहा है ।

आज संपूर्ण देश कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहा है और ऐसे में अगर हम कुछ सावधानियां और सही कदम समय रहते उठाएं, तो इससे होने वाली जोखिमों को कम कर सकते हैं , इसीलिए ऑक्सीमीटर पर समय-समय पर शरीर में मौजूद ऑक्सीजन लेवल और हार्टबीट को ट्रैक करें और ऊपर नीचे या फिर कुछ गड़बड़ी दिखाई दे तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श ले । धन्यवाद

पल्स ऑक्सीमीटर की कीमत – Pulse Oximeter Rate/Price

पल्स ऑक्सीमीटर के फीचर्स एवं उसके क्वालिटी पर निर्भर करता है । एक पल्स ऑक्सीमीटर की शुरुआती कीमत 600 रूपए से शुरू होती है और यह काफी ऊपर तक चली जाती है । अगर आप एक अच्छे पल्स ऑक्सीमीटर की तलाश में हैं, तो आपको अपना बजट करीब 1500 से लेकर 2000 रुपयों के बीच में रखना चाहिए ।

FAQ’S

Q :- Puluse oximeter kya hai ?

Ans :- पल्स ऑक्सीमीटर एक चिकित्सकीय उपकरण है , जिसका उपयोग खून ( BLOOD ) में मौजूद ऑक्सीजन (O2 ) के लेवल को चेक करने के लिए किया जाता हैं । इसके इस्तेमाल से हमारे शरीर में मोजुद ऑक्सीजन की मात्रा का पता चलता है , आपको बता दें कि इस उपकरण का उपयोग करके हम यह टेस्ट करते हैं । उसे पल्स ऑक्सीमीट्री कहते हैं ।

Q :- पल्स ऑक्सीमीटर उपयोग कैसे करें – Use of Pulse Oximeter

Ans :- पल्स ऑक्सीमीटर को इस्तेमाल करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है, इसका इस्तेमाल बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है । किसी भी ऑक्सीमीटर को आप अपनी उंगली में, ईयरलोब या फिर पैर की उंगली में लगा सकते हैं , मगर ज्यादातर इसका इस्तेमाल लोग का हाथ की उंगली में लगाकर करते हैं । इसे हाथ की उंगली पर लगाने के बाद आप 30 से 90 सेकंड तक बिना हिलाए ऐसे ही छोड़ दें । इस समय अंतराल के बाद यह अपनी वास्तविक रीडिंग आपको प्रदर्शित करने लगेगा ।

Q :- पल्स ऑक्सीमीटर सही Reading – Reading of Pulse Oximeter

Ans :- पल्स ऑक्सीमीटर रीडिंग करने पर 96% परिणाम दिखा रहा है, तो आप इसमें 2 की गिनती आगे और 2 गिनती पीछे की गड़बड़ी का अंदाजा लगा सकते हैं । कुल मिलाकर कोई भी पल्स ऑक्सीमीटर की औसतन वैल्यू 98% या फिर 94% के बीच में हो सकती है ।

Q :- कोरोना वायरस महामारी में पल्स ऑक्सीमीटर का महत्वपूर्ण उपयोग

Ans :- कोरोना वायरस से होने वाली ज्यादातर मौतें शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा की कमी के वजह से ही हो रही है । अगर ऐसे में हमें समय से पहले पता चल जाएगी शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कब और कितनी है एवं कितने समय में कितना कम हो रही है, तो हम समय रहते मरीज का एक सटीक और सही इलाज करवा सकते हैं और उसे इस जानलेवा बीमारी से बचा सकते हैं । आज के इस विषम परिस्थिति में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप में कार्य कर रहा है ।