World Earth Day 2021 : विश्व पृथ्वी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है ? विश्व पृथ्वी दिवस मनाने का महत्व | Essay on World Earth Day in Hindi

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Essay on World Earth Day in Hindi

Hlow फ्रेंड्स स्वागत है आपका कैरियर जानकारी में। आज के टॉपिक में मैं आपको बताने वाली हूँ विश्व पृथ्वी दिवस ( World Earth Day) के बारे में। पृथ्वी या प्रकति अथवा वातावरण को संरक्षण रखना प्रत्येक मनुष्य का उत्तरदायित्त्व है। आज हम सब आधुनिकता की दौड़ में कहीं न कहीं जाने अंजाने में पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Essay on World Earth Day  in Hindi

दोस्तों आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान अगर विश्व पृथ्वी दिवस के दिन ही थोड़ा बहुत योगदान दे तो धरती के कर्ज को उतारा जा सकता है। दोस्तों अगर आप भी पृथ्वी दिवस के बारे में जानना चाहते हैं । तो इस टॉपिक को अंत तक जरूर पढ़िये। इस ब्लॉग की हेल्प से आप अपनी परीक्षा में अच्छे मार्क्स ला सकते हैं तथा अपने विद्यालय में पृथ्वी दिवस पर भाषण दे सकते हैं।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021 –

पृथ्वी दिवस प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस के मनाने का उद्येश्य प्रकति को संरक्षण देना है। पृथ्वी दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। पृथ्वी पर प्रकति का संतुलन बनाये रखने तथा भविष्य में जीवन जीने के लिए प्राकृतिक संपत्ति व संसाधनों को बनाये रखना अति आवश्यक है। धरती को बचाने का आशय है इसकी रक्षा के लिए पहल करना। पृथ्वी हमारा घर है और हम प्रत्येक घर को नष्ट नहीं कर सकते। हमारे ब्रह्मांड में केवल धरती ही ऐसा ग्रह है, जहां जीवन है, जहां नदी, झरने, पहाड़, वन, अनेक जंतु प्रजातियां हैं और जहां हम सब मनुष्य भी हैं।

 मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं को लालच में बदल दिया है। मनुष्य अब पृथ्वी को संसाधन मानकर उसका दुरयोग करता जा रहा है, जो हमें वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण, मृदा क्षरण तथा नदियों का जल अशुद्ध होना तथा वायुमंडल में हानिकारक गैसों का फैलना इत्यादि आदि के रूप में देखने को मिल रहा है। पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय को दर्शाने के लिये साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के बारे में लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाने के लिये 22 अप्रैल को पूरे विश्व भर के लोगों के द्वारा एक वार्षिक कार्यक्रम के रुप में हर साल विश्व पृथ्वी पृथ्वी दिवस को मनाया जाता है।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021 की Theme

पृथ्वी दिवस पूरे विश्व में 22 April गुरुवार के दिन मनाया जाएगा।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021 की थीम : ( Restore The Earth) ” रिस्टोर दि अर्थ ” है।

विश्व पृथ्वी दिवस दिवस के स्लोगन –

” धरा नहीं होगी तो सब, धरा का धरा रह जायेगा,
जब – जब पशु – पक्षी खतरे में होंगे, तो मानव भी खतरे से ज्यादा दूर नहीं होगा। “
” ये हम अब सबको समझाएं, संदेश ये हम सब तक फैलाएं, आओ पर्यावरण बचाएं और धरती मां का कर्ज चुकाएं। “
” इस नीले चमकते ग्रह पर बिताया हर एक पल कीमती है इसलिए इसे सावधानी से प्रयोग करो।

विश्व पृथ्वी दिवस का इतिहास ( History of World Earth Day )

पृथ्वी दिवस पूरे विश्व में मनाया जाने वाला वार्षिक आयोजन है। पृथ्वी दिवस को 192 देशों के साथ मिलकर मानते हैं। इस दिन का मुख्य उद्देश्य शुद्ध हवा, पानी और पर्यावरण के लिए लोगों को प्रेरित करना है। प्रथम पृथ्वी दिवस साल 1970 में अमेरिकी सीनेटर, जेराल्ड नेल्सन द्वारा मनाया गया था। इनका उद्येश्य अमेरिका जैसे बड़े देशों में पृथ्वी का अत्यधिक दोहन, वातावरण प्रदूषण को रोकना था। जेराल्ड नेल्सन ने सितंबर 1969 को वॉशिंगटन के एक सम्मेलन में यह घोषणा करी थी कि 1970 के वसंत में पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रव्यापी जनसाधारण प्रदर्शन किया जाएगा। उनके इस कदम से ही 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा । अमेरिका में इस दिन को ट्री डे के रूप में मनाते हैं। तथा अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन को ‘ फादर ऑफ दा अर्थ ‘ के नाम से जाना जाता है।

यह विश्व में सबसे जन जागरूकता वाला अभियान है। प्रत्येक देश में हजारों या लाखों की संख्या में लोग एकजुट होकर पृथ्वी को संरक्षित रखने का संकल्प लेते हैं। पृथ्वी से जुड़े बढ़ते पर्यावरणीय ह्रास के मुद्दों के विरोध में हजारों कॉलेज, विश्वविद्यालयों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों से विद्यार्थी सक्रियता से भाग लेते हैं जैसे दिनों-दिन पर्यावरणीय ह्रास, वायु और जल प्रदूषण, ओजोन परत में कमी आना, औद्योगिकीकरण, वन-कटाई आदि से तेलों का फैल जाना, प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरी को तैयार करना, पावर प्लॉन्ट, कीटनाशक का उत्पादन और इस्तेमाल आदि से बचाना।

” हमें उस हर काम के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए, जो पृथ्वी को नुकसान पहुंचाते हैं। “
” आने वाली पीढ़ी अगर है प्यारी, तो पृथ्वी को बचाना हमारी जिम्मेदारी। “
” पृथ्वी स्वर्ग से भरी हुई है …लेकिन यह केवल वही देख पाता है जो अपने जूते उतारता है । ” – महात्मा गांधी
” यह मत भूलो कि आपको यह धरती अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है ताकि आप इसे अपने बच्चों को दे सकें। “

पृथ्वी दिवस क्यों मनाया जाता है ?

पृथ्वी दिवस मनाने का मुख्य उद्येश्य लोगों को पृथ्वी और पर्यावरण के संरक्षण हेतु जागरूक करना है। तथा उन लोगों को बताना है जो पृथ्वी को अपने लालच के रूप में देखते हैं, और उसका अत्यधिक दोहन करते हैं। मनुष्य को तथा भविष्य में आने वाली पीढी को अच्छे पर्यावरण की जरूरत है। जिसे उसे कई अहम पहल करनी चाहिए। अर्थ डे आर्गनाइजेशन के अनुसार अब विश्व के सभी लोगों का जलवायु संकट से निपटने के लिए आगे आकर साथ में काम करने का समय आ गया है। आजकल वनों की हो रही अन्धाधुन्ध कटाई मृदा क्षरण और औद्योगीकरण बढ़ने के कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण कई तरह समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिसके कारण अर्थव्यवस्था तथा स्वास्थ्यगत समस्याएं दोगुनी हो गई है।

आज के दौर में लाखों पशु – पक्षियों की प्रजातियाँ विलुप्त होती जा रही हैं, इनके संदर्भ में लोगों को जागरूकता फैलाना है। आजकल बढ़ रही जनसंख्या भी भी एक पृथ्वी को प्रदूषित करने में एक बड़ी भूमिका निभा रही है। जितनी अधिक जनसंख्या उतने रहने के लिए आवास, और उनकी बढ़ती मूलभूत आवश्यकताएं । इन सबको पूरा करने के लिए मनुष्य प्राकृतिक संसाधनों को अपना साधन बनाता है। जिससे प्रकति का विनाश होने के बढ़ते आसार है। ग्लोबल वॉर्मिंग भी प्रकति को नुकसान करने में सबसे बड़ा कारक है।

21 मार्च को मनाए जाने वाले ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन है, पर इसका महत्व वैज्ञानिक तथा पर्यावरणीय ज्यादा है. इसे उत्तरी गोलार्ध के वसंत तथा दक्षिणी गोलार्ध के पतझड़ के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है ।

“एक देश जो अपनी मिट्टी को नष्ट करता है, वह खुद को नष्ट कर देता है। वन हमारी भूमि के फेफड़े हैं, हवा को शुद्ध करते हैं और हमारे लोगों को नई ताकत देते हैं। ” – फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट
” पृथ्वी को पेड़ से सजाकर स्वर्ग जैसा बनाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए, पेड़ से बाते करना उन्हें सुनना ये सब महसूस करना ही स्वर्ग सी अनुभूति देता है। ” – रविंद्रनाथ टैगोर
” आने वाली पीढ़ी अगर है प्यारी, तो पृथ्वी को बचाना हमारी जिम्मेदारी। “
” अर्थ का कुछ करो नहीं तो अनर्थ हो जाएगा। “

पृथ्वी दिवस मनाने का महत्व –

पृथ्वी दिवस मनाने का मकसद माँ प्रकति के स्वरूप में छेड़छाड़ ना करने का है। माँ प्रकति ने हमें जीवन जीने के लिए वायु, पानी, अन्न आदि दिया है, और आज हम ही माँ प्रकति के सबसे बड़े शत्रु बने बैठे हैं। इस धरती ने नदियां, पहाड़, हरे-भरे वन और धरती के नीचे छिपी हुई खनिज संपदा धरोहर के रूप में हमारे जीवन को सहज बनाने के लिए प्रदान किए हैं। हम अपनी मेहनत से धन तो कमा सकते हैं लेकिन प्रकृति की इन धरोहरों को अथक प्रयास करने के पश्चात भी बढ़ा नहीं सकते। परंतु आज मानव की लापरवाही के कारण हमारा हरा – भरा सुंदर पृथ्वी ग्रह ग्लोबल वॉर्मिंग, प्रदूषण आदि के कारण खतरे की कगार पर है। यदि इसक लिए अभी महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाये गए तो हमारी आने वाली पीढी हमारे कर्मों का परिणाम भुगतेगी। इन सब परिणामों से बचने के लिए विश्व के विख्यात लोगों ने कई नियम चलाये।

तथा इस गंभीर मुद्दे को ध्यान में रखते हुए पृथ्वी संरक्षण के लिए विश्व पृथ्वी दिवस मनाये जाने की घोषणा की। इस दिन लोग आपस में पेड़-पौधे लगाते हैं, स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लेते हैं और पृथ्वी को पर्यावरण के माध्यम से सुरक्षित रखने वाले विषय से संबंधित सम्मलेन में भाग लेते हैं। सामान्यतः पृथ्वी दिवस के दिन लोगों के द्वारा पेड़ों को लगाकर आस-पास की सफाई करके इसे उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

निष्कर्ष ( Conclusion) –

विश्व पृथ्वी दिवस के दिन आपस में सभी लोगों को मिलकर अपनी प्यारी धरती को सुजलाम-सुफलाम बनाने के साथ ही अन्य प्राजतियों के प्राणियों को बचाए रखने का भी संकल्प लेना चाहिए। पृथ्वी दिवस पर स्कूल, कॉलेज में पृथ्वी दिवस का महत्व समझाना चाहिए तथा इस दिन सारे विद्यार्थियों से पेड़ – पौधे लगवाने चाहिए। जो बच्चे पर्यावरण के क्षेत्र में अधिक योगदान देते हैं, उनको पुरस्कार देना चाहिए, जिससे अन्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति लगाव महसूस हो।

Helow दोस्तों आज के टॉपिक के द्वारा दी गई जानकारी “पृथ्वी दिवस पर निबंध ” ( Essay on World Earth Day) दी गई है। दोस्तों यदि दी हुई जानकारी पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ जरूर करें। दोस्तों यदि कोई बिंदु शेष रह गया है तो नीचे दिये गए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य साझा करें, जिससे हम अपने लेख में जोड़ सकें, और दी हुई जानकारी अन्य तक पहुंचे। धन्यवाद दोस्तों ।