कोरोना वायरस पर निबंध – Coronavirus essay in Hindi | कोरोनावायरस का निबंध हिंदी में | Corona Virus Essay in Hindi – Essay on Covid -19

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What is Corona virus ? Corona Virus Essay in Hindi

Hiii दोस्तों स्वागत है आपका कैरियर जानकारी में। आज मैं इस ब्लॉग के जरिये आपको बताने वाली हूँ कोरोना वायरस के बारे में। कोरोना वायरस बीमारी एक chain की तरह है यह हवा के जरिये एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में साँस के जरिये फैलता है। दोस्तों कोरोना जैसी बीमारी से पूरा देश या कहें पूरा विश्व भी इस घातक बीमारी से गुजर रहा है। तो ऐसे हालात में हमें स्वयं व अपने पूरे परिवार को इस वायरस से दूर रखना है।

Corona Virus Essay in Hindi

इसलिए फ्रेंड्स मैं आपको कोरोना वायरस से बचने के लिए तथा उसके बारे में जानने के लिए कुछ जानकारी देना चाहती हूँ । यदि आप कोरोना जैसी महामारी के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

कोरोना वायरस – कोरोना वायरस पर निबंध

कोरोना वायरस ( C.O.V. ) एक ऐसी बीमारी है जिसने विश्व स्तर पर तबाही मचा दी है। WHO ने कोरोना वायरस को विश्व स्तर पर महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस को Covid – 19 नाम भारत सरकार द्वारा दिया गया है। यह बीमारी वायरस द्वारा फैलती है। तथा यह मानव द्वारा ही जनित है। ऐसा माना जाता है कि यह बीमारी चीन के एक लैब में हो रहे परीक्षण द्वारा फैली है। क्योंकि सर्वप्रथम यह वायरस दिसंबर 2019 चीन में मिला था। यह वायरस एक बाल से 900 गुना छोटा है। लेकिन इस वायरस ने हजारों की संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बीमारी के संक्रमित होने से लोग ज्यादा दिनों तक जीवित नहीं रहते। बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को यह अपनी चपेट में बहुत जल्द लेता है। January 2020 के बाद से भारत में भी कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति दिखने लगे थे। 21 March को पहला कर्फ्यू Covid के चलते भारत में लगाया गया था।

कोरोना वायरस ( Covid – 19 ) किस प्रकार मनुष्य के शरीर के अंदर फैलता है ?

कोविड एक ऐसा संक्रमण है जो व्यक्ति से व्यक्ति के सम्पर्क में आने से फैलता है। कोरोना ग्रसित व्यक्ति के अंदर जुकाम, खाँसी और बुखार जैसे सामान्य लक्षण ही दिखते हैं। इसमें व्यक्ति को साँस लेने में समस्या होती है तथा नाक का बहना और गले की खराश होना जैसी आम समस्याएं होती हैं। तभी व्यक्ति को आसानी से नहीं पहचान पाते कि यह व्यक्ति कोरोना से ग्रसित है या आम मौसमी समस्या।

कोरोना व्यक्ति को सर्वप्रथम बुखार रहता है उसके बाद धीमे – धीमे सूखी खाँसी आने लगती है। फिर एक सप्ताह बाद सांस लेने में परेशानी होनी लगती है। यदि व्यक्ति को समय रहते हुए डॉक्टर को न दिखाया जाये तो मृत्यु भी हो जाती है। जब 2020 में यह वायरस फैला था, तब इसकी कोई वैक्सीन नहीं बनी थी, परंतु डॉक्टरों ने सही खानपान के जरिये इस बीमारी को कुछ हद तक ठीक किया था। कोरोना वायरस के ज्यादातर मामले उन्हीं में देखे गए जो पहले से ही बीमार थे जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर लो या हाई, निमोनिया, टीबी, अस्थमा, निमोनिया आदि।

कोरोना से कैसे बचें –

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ नियम बताए हैं जो कि इस प्रकार हैं –

(1) घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें। और ज्यादा हो तो गलब्स भी साथ ले लें।

(2) ज्यादा से ज्यादा हाथों को सेनेटाइजर करें।

(3) बाहर की चीजों को छूने से बचें। ज्यादा जरूरी हो तभी हाथ लगाएं। बाहर से लाई हुई चीजों को तुरंत घर में धुलें।

(4) खांसते व छींकते समय टिश्यू पेपर या रूमाल का जरूर इस्तेमाल करें।

(5) जिन व्यक्तियों में कोरोना के लक्षण हैं या फ्लू, जुकाम है उनसे दूरी बना के रखें।

(6) नॉनवेज व अंडे खाने से बचें।

(7) Immunity वाली चीजें खाएं। और स्वस्थ रहें।

सितंबर 2020 के बाद कोरोना से ग्रसित मरीजों की संख्या कम हो गई थी। परंतु आज के समय में हालात चिंताजनक हैं। यदि सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाये गए तो इस बार भी हम इस महामारी से बचा जाएंंगे। इसक लिए आम जनता की बहुत बड़ी भागीदारी है। कि सरकार द्वारा दिया गए नियमों का पालन वह अपनी जिम्मेदारीसे करे।

2021 में कोरोना वायरस के हालात

2020 के अंतिम महीनों में कोरोना का असर बहुत कम हो गया था। परंतु 2021 में मार्च और अप्रैल महीनों में कोरोना का प्रसार दोबारा बढ़ते हुए देखा जा रहा है । यह बात सही है कि उस वर्ष के जितना डर इस वर्ष नहीं है, लेकिन आशंकाओं के बादल गहरा रहे हैं कि अब परेशानियाँ किस रूप में हमें दस्तक देंगी। इन आने वाली परेशानियों से बचने के लिए हमें पहले से ही तैयार रहना होगा। यहाँ कुछ टिप्स मै आपको बताने वाली हूँ जो आपको मौजूदा हालात से निपटने में मदद कर सकते हैं।

(1) सबसे पहले यह ध्यान रखें कि हालत पहले से अलग हैं। हमारे पास जानकारी है, सूचनाएं हैं, बस उन पर फोकस करने का संकल्प मजबूत करना है। पाबंदी वैसी बिल्कुल भी नहीं है जैसे आप किसी से बिल्कुल मिल – जुल नहीं सकते, किसी के घर नहीं जा सकते या ट्रेन में सफर नहीं कर सकते। आप यह सारे काम कर सकते हैं परंतु एक उचित दूरी बनाकर। ऐसा करने से हमारे दिमाग पर बिल्कुल भी तनाव नहीं होगा और हालातों से भी निपट लेंगे।

(2) ऐसे समय में खुद को बिल्कुल अकेला ना समझे। यह ना सोचे कि यह समस्या केवल आपकी है। नजरिया बदल दें। यह सोचें कि इस समस्या से सभी लोग जुड़े हैं। यदि आपको हालात असहज कर रहे हैं तो ऐसा ही औरों को भी लगता होगा। यदि आप अधिक तनाव महसूस कर रहे हैं तो पिछली बार जिस डॉक्टर या काउंसलर से बात कर अपनी बात रखी थी, उनसे दोबारा जुड़ें।

(3) यदि संक्रमण के शिकार हैं और घर पर रहने की नौबत आई है तो इसे लेकर तनाव न लें। योग और ध्यान, जिसे नौकरी और बाहर निकलने की आपाधापी में आप भूलने लगे थे या अनियमित होने लगे थे, उस पर दोबारा लौटें। ज्यादा देर नहीं, बस अधिकतम पंद्रह मिनट भी खुद के साथ रहने से मन को शांति मिलेगी।

(4) लंबी योजनाएं न बनाएं। छोटे – छोटे लक्ष्य बनाएं, उन पर काम करें। नकारात्मकता को हावी न होने दें।

(5) वैक्सीन लगा ली है तो यह जरूर याद रखें कि आपको सावधानी इसक बाद भी बरतनी है।

(6) संकट के बादल छटेंगे जरूर, पर इस दौरान खुद का ख्याल रखें।आत्मविश्वास न खोएं। अपनी मदद का एक और कारगर तरीका है यह है जरूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ान। जो मुश्किल में है, उसकी सुनना। तथा अपने घर में परिवार के साथ समय बिताएँ। आप महसूस करेंगे कि आप संकट में भी खुशी का अनुभव कर रहे हैं। आपका आत्म विश्वास लौटने लगा है।

भारत में लॉकडाउन लगने की अवधि –

Lockdown के चरण अवधि घोषणाकर्ता

Lockdown -1 25 March – 14 April by Prime minister

Lockdown – 2 15 April – 3 May by Prime minister

Lockdown – 3 3 May – 17 May by Home minister

Lockdown – 4 18 May – 31 May by Home minister

Lockdown – 5 1 June – 30 june by Home minister

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